पिथौरागढ़ : राज्य के कई गाँव संपर्क मार्गों से नहीं जुड़े हैं। जिससे लोगों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 1 जुलाई को मोना गाँव में एक युवक की खाई में गिरने से मौत हो गई। जिसके लिए स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों को ज़िम्मेदार ठहराया। युवक के परिजनों को सांत्वना देने जा रही महिलाओं ने वीडियो बनाकर अपना गुस्सा ज़ाहिर किया। वे जनप्रतिनिधियों को कोसती भी नज़र आईं।
पाताल भुवनेश्वर से मोना गाँव की दूरी दो किलोमीटर है, लेकिन ग्रामीण लंबे समय से इसे सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। गाँव की आबादी 200 से ज़्यादा है। पैदल रास्ते में बनी खाइयों में गिरने से पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं। पाताल भुवनेश्वर के मोना गाँव निवासी 22 वर्षीय सूरज सिंह भंडारी की 1 जुलाई की देर शाम भुवनेश्वर से गाँव आते समय 300 फीट गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। सूरज सिंह अपनी दादी की तेरहवीं का सामान लेकर गंगोलीहाट भुवनेश्वर से अपने गाँव मोना जा रहे थे।
घर से एक किलोमीटर दूर वह अचानक संकरे रास्ते पर फिसलकर गहरी खाई में गिर गया। उसके साथ चल रहे उसके चचेरे भाई कमल भंडारी ने तुरंत इसकी सूचना परिजनों को दी। घटना के बाद कमल भी बेहोश हो गया। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गहरी खाई और रास्ता न होने के कारण सूरज को ढूंढना मुश्किल हो गया। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीण रस्सी के सहारे गहरी खाई तक पहुंचे, जहां सूरज घायल अवस्था में पड़ा था। स्थानीय ग्रामीण उसे स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिससे परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। घटना के बाद जहां घर पर दादी की तेरहवीं होनी थी, वहीं पूरा परिवार शोक में डूब गया।
पाताल भुवनेश्वर मंदिर समिति की अध्यक्ष नीलम भंडारी ने बताया कि जिस जगह खाई में गिरने से युवक की मौत हुई है, वहां से तीन लोग गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लेकिन उसके बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई। उन्होंने सरकार से परिवार को मुआवजा देने की मांग की। नीलम भंडारी ने बताया कि इस मार्ग से लोग रोजाना जीआईसी छलोड़ी समेत पाताल भुवनेश्वर आते-जाते हैं। यहां लंबे समय से सड़क की मांग की जा रही है, लेकिन सड़क बनाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

